कोमल फाउंडेशन ने बढ़ाया मदद का हाथ, 50 जरूरतमंद महिलाओं को बांटी राशन किट
चूड़ी कामगार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को मिली खाद्य सामग्री, सामाजिक सहयोग का दिया संदेश

कोमल फाउंडेशन ने बढ़ाया मदद का हाथ, 50 जरूरतमंद महिलाओं को बांटी राशन किट 
चूड़ी कामगार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं को मिली खाद्य सामग्री, सामाजिक सहयोग का दिया संदेश
फिरोजाबाद। कोमल फाउंडेशन की ओर से चूड़ी कामगार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाओं की सहायता के लिए राशन सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम उच्च प्राथमिक विद्यालय, कटरा पठानान, लेबर कॉलोनी में हुआ, जहां 50 जरूरतमंद महिलाओं को खाद्य सामग्री से युक्त राशन किट वितरित की गईं।
राशन किट का वितरण कोमल फाउंडेशन के अध्यक्ष अश्वनी कुमार राजौरिया ने किया। उन्होंने कहा कि चूड़ी एवं कांच उद्योग से जुड़े कई श्रमिक परिवार आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे परिवारों की जरूरत के समय सहायता करना सामाजिक संस्थाओं और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अश्वनी कुमार राजौरिया ने कहा कि कोमल फाउंडेशन जरूरतमंद और वंचित परिवारों के सहयोग के लिए लगातार कार्य कर रहा है। संस्था की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विशेषकर चूड़ी कामगार परिवारों की महिलाओं और बच्चों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय, कटरा पठानान की प्रधानाचार्या कल्पना राजौरिया ने कोमल फाउंडेशन के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री पहुंचाना एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है। शिक्षा के साथ बच्चों और उनके परिवारों की मूलभूत जरूरतों का ध्यान रखना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय और सामाजिक संस्थाओं के बीच सहयोग से जरूरतमंद बच्चों एवं उनके परिवारों तक सहायता पहुंचाने में प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है।
कोमल फाउंडेशन द्वारा बाल शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पोषण, बाल अधिकार और जरूरतमंद परिवारों के सहयोग से जुड़े विभिन्न सामाजिक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्गों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में सेवा पथ संस्था की प्रमुख सीमा गुप्ता, योगेन्द्र जैन, मोहित शर्मा, अमित कुमार सहित अन्य लोग मौजूद रहे।




