संघर्ष से स्वावलंबन तक: हेमलता रावत बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
पति के लापता होने के बाद दो बेटियों की जिम्मेदारी संभाली, स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया कॉस्मेटिक और ब्यूटी पार्लर का कारोबार

संघर्ष से स्वावलंबन तक: हेमलता रावत बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल

पति के लापता होने के बाद दो बेटियों की जिम्मेदारी संभाली, स्वयं सहायता समूह से जुड़कर शुरू किया कॉस्मेटिक और ब्यूटी पार्लर का कारोबार
फिरोजाबाद, 31 अगस्त। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। जनपद फिरोजाबाद के ब्लॉक टूंडला के ग्राम बसई निवासी हेमलता रावत की सफलता की कहानी संघर्ष, हौसले और स्वावलंबन की प्रेरणादायी मिसाल बनकर सामने आई है।
वर्ष 2022 में हेमलता के जीवन में उस समय बड़ा संकट आया, जब उनके पति मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अचानक लापता हो गए। ऐसे कठिन दौर में दो मासूम बेटियों के पालन-पोषण और उनकी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी हेमलता के कंधों पर आ गई। उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय अपने परिवार को संभालने और बेटियों का भविष्य बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
हेमलता वर्ष 2020 में राजकीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ीं और ‘जय बजरंगबली स्वयं सहायता समूह’ की सदस्य बनीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग के साथ-साथ प्रशिक्षण और प्रशासनिक सहायता भी मिली।
समूह से मिले 20 हजार रुपये के ऋण की मदद से हेमलता ने 20 अक्टूबर 2021 को गांव में ही कॉस्मेटिक की छोटी दुकान शुरू की। इसके बाद उन्होंने आरसेटी के माध्यम से ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त किया और अपने कारोबार का विस्तार करते हुए कॉस्मेटिक की दुकान के साथ ब्यूटी पार्लर भी शुरू किया।
आज हेमलता अपनी दुकान के साथ समूह सखी के रूप में भी कार्य कर रही हैं और प्रतिमाह करीब 15 से 20 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इस आय से वह अपनी दोनों बेटियों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं।
अन्य महिलाओं को भी दिलाया रोजगार का अवसर
हेमलता ने केवल अपनी जिंदगी को ही नहीं बदला, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का प्रयास किया। उनके प्रयासों से समूह की आठ महिलाओं को बैंक सखी और बीसी सखी सहित विभिन्न रोजगारपरक कार्यों से जुड़ने का अवसर मिला।
हेमलता अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन, जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के नेतृत्व और एनआरएलएम टीम के सहयोग को देती हैं। उनका कहना है कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को घर से बाहर निकलकर अपनी प्रतिभा और क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

हेमलता रावत की संघर्ष से स्वावलंबन तक की यह यात्रा आज जनपद की दूसरी महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उन्होंने साबित किया है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, मेहनत और सही अवसर के सहारे आत्मनिर्भर बना जा सकता है।
स्रोत: जिला सूचना कार्यालय, फिरोजाबाद




