ODOP योजना से बदली विमला देवी की तकदीर, कांच के मोतियों के कारोबार को मिली नई उड़ान
8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता से गृह उद्योग हुआ मजबूत, अब बच्चों की शिक्षा और परिवार का भविष्य हुआ सुरक्षित
ODOP योजना से बदली विमला देवी की तकदीर, कांच के मोतियों के कारोबार को मिली नई उड़ान

8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता से गृह उद्योग हुआ मजबूत, अब बच्चों की शिक्षा और परिवार का भविष्य हुआ सुरक्षित

फिरोजाबाद, 29 जुलाई। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)’ योजना जिले के पारंपरिक कांच उद्योग से जुड़े कारीगरों के लिए नई उम्मीद बनकर उभर रही है। शिकोहाबाद निवासी विमला देवी इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच अपने हुनर को जीवित रखा और आज सरकारी सहयोग से अपने कांच के मोतियों के व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।
आर्थिक संकट के बीच नहीं छोड़ा अपना हुनर
विमला देवी का परिवार वर्षों से कांच के मोतियों के निर्माण कार्य से जुड़ा रहा है। मेहनत और कौशल होने के बावजूद पूंजी की कमी के कारण उनका व्यवसाय लगातार कठिनाइयों का सामना कर रहा था। कई बार आर्थिक अभाव के चलते उत्पादन प्रभावित होता था और कारोबार को नियमित रूप से चलाना मुश्किल हो जाता था।
ODOP योजना बनी सफलता की नई राह

इसी दौरान उन्हें सरकार की ‘एक जनपद एक उत्पाद (ODOP)’ योजना की जानकारी मिली। जिला प्रशासन के सहयोग से योजना के अंतर्गत उन्हें 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता एवं ऋण प्रोत्साहन प्राप्त हुआ। इस सहयोग ने उनके बंद पड़ते कारोबार को नई ऊर्जा दी और व्यवसाय को फिर से गति मिल गई।
पति-पत्नी की मेहनत ने बदली परिवार की तस्वीर
वित्तीय सहायता मिलने के बाद विमला देवी ने अपने गृह उद्योग को नए सिरे से विकसित किया। वह स्वयं उत्पादन और निर्माण कार्य की जिम्मेदारी संभालती हैं, जबकि उनके पति बाजार में विपणन और आपूर्ति का कार्य देखते हैं। दोनों की संयुक्त मेहनत से आज उनका व्यवसाय लगातार आगे बढ़ रहा है।
व्यवसाय से होने वाली बेहतर आय के कारण उनका परिवार आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। साथ ही वे अपने तीनों बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने में भी सक्षम हो गए हैं।
सरकारी योजनाओं ने दिया आत्मनिर्भर बनने का अवसर
विमला देवी का कहना है कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के छोटे उद्यमियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उनका मानना है कि यदि सरकार का सहयोग नहीं मिलता तो हुनर होने के बावजूद इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था।
उन्होंने कहा कि ODOP योजना छोटे दस्तकारों और कारीगरों के लिए आत्मनिर्भर बनने का मजबूत माध्यम है और जो लोग अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना एक बड़ा अवसर साबित हो रही है।
संघर्ष से सफलता तक का प्रेरक उदाहरण
विमला देवी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभा और मेहनत को सही नीति, वित्तीय सहयोग और प्रशासनिक मार्गदर्शन मिल जाए तो कोई भी छोटा उद्यमी आत्मनिर्भर बन सकता है। उनकी कहानी जिले के अन्य कारीगरों और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।




