विश्व ओआरएस दिवस पर फिरोजाबाद में जागरूकता संगोष्ठी, बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने का दिया संदेश
डॉ. एल.के. गुप्ता ने बताया ओआरएस का महत्व, एनएसजी कॉलेज (नर्सिंग) के प्राचार्य डॉ. पीकेश कुमार के संरक्षण में डॉ. अनामिका सिंह प्रधान ने कराया कार्यक्रम का आयोजन, छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक व जागरूकता भाषण से किया जागरूक
विश्व ओआरएस दिवस पर फिरोजाबाद में जागरूकता संगोष्ठी, बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने का दिया संदेश


फिरोजाबाद। विश्व ओआरएस दिवस के अवसर पर बुधवार को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, फिरोजाबाद के कॉलेज ऑफ नर्सिंग के तत्वावधान में 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को दस्त एवं डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा ओआरएस के सही उपयोग की जानकारी देना था।

कार्यक्रम का आयोजन एनएसजी (कॉलेज ऑफ नर्सिंग) के प्राचार्य डॉ. पीकेश कुमार के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन कॉलेज ऑफ नर्सिंग की शिक्षिका डॉ. अनामिका सिंह प्रधान ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सीएमएस, बाल रोग विभागाध्यक्ष (एचओडी) एवं अन्य अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत एवं सम्मान के साथ हुआ।

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एल.के. गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 29 जुलाई को विश्व ओआरएस दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने बताया कि ओआरएस शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी को पूरा करने का सबसे सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। दस्त, उल्टी या अत्यधिक पसीना आने जैसी स्थिति में समय पर ओआरएस का सेवन मरीज को गंभीर स्थिति में पहुंचने से बचा सकता है।

डॉ. गुप्ता ने बताया कि यदि घर में ओआरएस का पैकेट उपलब्ध न हो, तो एक लीटर स्वच्छ पानी में 6 चम्मच चीनी और आधा चम्मच नमक मिलाकर ओआरएस घोल तैयार किया जा सकता है। यदि उपलब्ध हो तो स्वाद के लिए थोड़ा नींबू भी मिलाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि दस्त होने पर लापरवाही न करें और समय रहते चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

इस अवसर पर डॉ. अनामिका सिंह प्रधान ने बच्चों में ओआरएस के सही उपयोग और समय पर उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे को 24 घंटे से अधिक समय तक दस्त बने रहें, बार-बार उल्टी हो या उसकी स्थिति में सुधार न हो, तो केवल ओआरएस के भरोसे न रहें, बल्कि तुरंत चिकित्सक से संपर्क कर उचित उपचार कराएं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में डिहाइड्रेशन के शुरुआती लक्षणों को पहचानने और बिना देरी किए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की।

कार्यक्रम के दौरान बीएससी नर्सिंग तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक, चार्ट प्रदर्शन एवं जागरूकता भाषण के माध्यम से लोगों को ओआरएस के महत्व, स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और दस्त से बचाव के उपायों की जानकारी दी। छात्र-छात्राओं की प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने सराहा और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को प्रभावी बताया।

संगोष्ठी में सरकार द्वारा संचालित जनस्वास्थ्य अभियानों की भी जानकारी दी गई तथा लोगों से अपील की गई कि दस्त होने पर बच्चों और मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ओआरएस एवं अन्य तरल पदार्थ दें तथा आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों एवं छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों एवं छात्र-छात्राओं को पेन गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया तथा उनके कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट सेवाएं देने के लिए प्रेरित किया गया।




