
जयपुर में अखिलेश यादव का ‘सामंजस्य और सामाजिक न्याय’ पर जोर, पीडीए को मिला व्यापक समर्थन
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित
‘सामंजस्यपूर्ण विरासत शिखर सम्मेलन’ में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सामाजिक एकता, सौहार्द और न्यायपूर्ण व्यवस्था को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने जयपुर में मिले अपार स्नेह और आतिथ्य के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में वास्तविक प्रगति का रास्ता सामंजस्य से होकर गुजरता है। सामंजस्य से सौहार्द, सौहार्द से अमन-चैन और अमन-चैन से तरक्की का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि तरक्की के साथ बराबरी आती है और बराबरी से ही सामाजिक न्याय संभव होता है। इसी लक्ष्य के लिए उनकी पार्टी ‘सामाजिक न्याय का राज’ स्थापित करने के लिए निरंतर संघर्ष कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अतीत की समरसता ही भविष्य की समरसता की नींव रखेगी। साम्प्रदायिकता का जवाब सामुदायिक एकता से दिया जाएगा। अखिलेश यादव ने दावा किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इसकी झलक देखने को मिली है और अब 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में यह एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा।
कार्यक्रम में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की एकजुटता को सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन का आधार बताया गया। अखिलेश यादव ने कहा कि आने वाले समय में यह एकजुटता निर्णायक साबित होगी और एक नए राजनीतिक समीकरण को जन्म देगी।
अंत में उन्होंने कहा कि राजस्थान में ‘पीडीए’ की विचारधारा को जिस प्रकार का समर्थन मिला है, वह देशभर में सामाजिक न्याय और एकता की दिशा में एक सकारात्मक संकेत




