पीलीभीत: जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी ने बच्चों संग मनाया रक्षाबंधन पर्व
प्राथमिक विद्यालय टाह पौटा में छात्राओं ने अपने हाथों से बनाई राखियां बांधकर साझा कीं रक्षाबंधन की खुशियां, तिथि भोज में अतिथियों ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन

पीलीभीत: जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी ने बच्चों संग मनाया रक्षाबंधन पर्व

प्राथमिक विद्यालय टाह पौटा में छात्राओं ने अपने हाथों से बनाई राखियां बांधकर साझा कीं रक्षाबंधन की खुशियां, तिथि भोज में अतिथियों ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन
पीलीभीत। रक्षाबंधन पर्व से पहले गुरुवार को मरौरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय टाह पौटा में भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बरखेड़ा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, मुख्य विकास अधिकारी सतीश प्रसाद मिश्रा और बीएसए रोशनी सिंह ने बच्चों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं।

विद्यालय की छात्राओं ने अपने हाथों से तैयार की गई रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियां अतिथियों की कलाई पर बांधीं। राखी बांधने के दौरान विद्यालय परिसर खुशी और तालियों से गूंज उठा। छात्राओं के इस प्रयास की अतिथियों ने सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विद्यालय में तिथि भोज का भी आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि सभी अतिथियों ने बच्चों को सम्मानपूर्वक अपने साथ जमीन पर पंक्तिबद्ध बैठाकर राजमा, चावल, रायता, सलाद, हलुआ और रसमलाई सहित स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन ग्रहण किया। बच्चों को उपहार दिए गए और मिठाई भी खिलाई गई। उपहार पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।

जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम और अपनत्व की भावना बढ़ती है। साथ ही उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं की जानकारी भी मिलती है।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण छात्राओं द्वारा अपने हाथों से तैयार की गई राखियां रहीं। शिक्षकों के निर्देशन में बालिकाओं ने विभिन्न रंगों और डिजाइनों की सुंदर राखियां बनाईं और अतिथियों को बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते और आपसी स्नेह का संदेश दिया।
इस मौके पर खंड शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंह, ग्राम प्रधान, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य, भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी तथा ग्रामीण मौजूद रहे।




