फिरोजाबाद में डीएम का स्कूलों पर औचक निरीक्षण, दखिनारा में व्यवस्थाएं ठीक तो बिदरखा में मिलीं खामियां
शिक्षण गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर डीएम सन्तोष कुमार शर्मा ने जताई नाराजगी; लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

फिरोजाबाद में डीएम का स्कूलों पर औचक निरीक्षण, दखिनारा में व्यवस्थाएं ठीक तो बिदरखा में मिलीं खामियां


शिक्षण गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था पर डीएम सन्तोष कुमार शर्मा ने जताई नाराजगी; लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश

फिरोजाबाद, 21 अगस्त। जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार को शिकोहाबाद क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय दखिनारा एवं प्राथमिक विद्यालय बिदरखा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में पठन-पाठन, विद्यार्थियों का शैक्षणिक स्तर, मिड-डे मील, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

दखिनारा विद्यालय में बच्चों से संवाद कर परखा शैक्षणिक स्तर

उच्च प्राथमिक विद्यालय दखिनारा में जिलाधिकारी ने कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने छोटे बच्चों से रंगों और जानवरों के नाम पूछे, जबकि कक्षा 7 और 8 के विद्यार्थियों से महापुरुषों के चित्रों के संबंध में सवाल कर सामान्य ज्ञान की जानकारी ली। बच्चों की सीखने की उत्सुकता देखकर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की।
विद्यालय में प्लास्टिक एवं पॉलीथिन का प्रयोग पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए पॉलीथिन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और कपड़े के थैलों का प्रयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।
रसोईघर और मिड-डे मील के लिए रखे चावल व अन्य राशन सामग्री की गुणवत्ता सही पाई गई। जिलाधिकारी ने प्रधानाध्यापक को बच्चों की प्रतिभा निखारने और शिक्षण के नए तरीके अपनाने के निर्देश दिए। सफाई कर्मी को विद्यालय परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

विद्यालय में 249 विद्यार्थी नामांकित हैं, जिनमें से 224 उपस्थित मिले। यहां कुल 16 शिक्षक कार्यरत हैं।
बिदरखा विद्यालय में शिक्षण और सफाई व्यवस्था पर डीएम नाराज

इसके बाद जिलाधिकारी प्राथमिक विद्यालय बिदरखा पहुंचे। यहां व्यवस्थाओं में कई कमियां मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। कक्षा 5 में प्रशिक्षु शिक्षिका दीप्ति के शिक्षण स्तर को असंतोषजनक पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कहा कि कमजोर शिक्षण गुणवत्ता से बच्चों के भविष्य के साथ समझौता नहीं किया जा सकता।
विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति खराब मिलने पर संबंधित पंचायत सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए गए। वहीं किचन में अग्निशमन यंत्र लगा होने के बावजूद किसी भी स्टाफ को उसके संचालन की जानकारी नहीं थी। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सुरक्षा उपकरणों की जानकारी न होने पर उनका उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है।
जिलाधिकारी ने बच्चों से पुस्तकें पढ़वाईं और गणित व सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर को परखा। उन्होंने शौचालय समेत विद्यालय की अन्य व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

बिदरखा विद्यालय में 78 विद्यार्थियों में से 62 उपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में शिक्षण गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Pink City Times | PCT News




