शिकोहाबाद टायर फैक्ट्री अग्निकांड: बंद मिले CCTV, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल; मालिक और मैनेजर की मौजूदगी को लेकर भी उठे सवाल
एडीएम सीमा पांडेय ने फैक्ट्री का किया निरीक्षण, करीब 40 कर्मचारियों से पूछताछ; आग की वजह और सुरक्षा व्यवस्था की जांच में जुटा प्रशासन

शिकोहाबाद टायर फैक्ट्री अग्निकांड: बंद मिले CCTV, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल; मालिक और मैनेजर की मौजूदगी को लेकर भी उठे सवाल
एडीएम सीमा पांडेय ने फैक्ट्री का किया निरीक्षण, करीब 40 कर्मचारियों से पूछताछ; आग की वजह और सुरक्षा व्यवस्था की जांच में जुटा प्रशासन
शिकोहाबाद। शिकोहाबाद क्षेत्र की टायर फैक्ट्री में लगी भीषण आग के बाद प्रशासनिक जांच तेज हो गई है। घटना की जांच के लिए पहुंचीं एडीएम सीमा पांडेय ने फैक्ट्री परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां काम कर रहे करीब 40 कर्मचारियों से पूछताछ की। जांच के दौरान फैक्ट्री के सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल सामने आए हैं।
जांच के दौरान फैक्ट्री परिसर में लगे CCTV कैमरे बंद पाए गए। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों को फटकार लगाई। आग लगने के समय सभी कैमरों के बंद होने को जांच के अहम बिंदुओं में शामिल किया जा रहा है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि घटना के दौरान CCTV कैमरे किन परिस्थितियों में बंद थे।
बताया गया है कि करीब 13 महीने पहले, 4 सितंबर को भी इसी फैक्ट्री में आग लगने की घटना सामने आई थी। इसके बावजूद मौजूदा घटना के दौरान आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं, इसको लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच टीम अग्निशमन उपकरणों और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की भी पड़ताल कर रही है।
फैक्ट्री के ऑरेंज श्रेणी में होने की बात सामने आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि फैक्ट्री को अग्निशमन विभाग की ओर से आवश्यक एनओसी किन मानकों के आधार पर मिली थी और मौके पर अग्निशमन सुरक्षा के सभी इंतजाम मौजूद थे या नहीं।
भीषण आग के बाद फैक्ट्री को हुए करोड़ों रुपये के नुकसान की चर्चा के बीच बीमा राशि को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आग जानबूझकर लगाई गई थी या यह हादसा था, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। बीमा से जुड़े किसी संभावित पहलू की पुष्टि भी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
वहीं, घटना के बाद फैक्ट्री के मालिक नवीन अग्रवाल और बासू के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। फिलहाल मैनेजर की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मालिकों के मौके पर न पहुंचने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रशासन की जांच में CCTV, अग्निशमन व्यवस्था, पूर्व में हुई आग की घटना, फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, आवश्यक अनुमतियों और आग लगने के वास्तविक कारण समेत सभी पहलुओं को शामिल किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि फैक्ट्री में आग किन परिस्थितियों में लगी और इसमें किसी तरह की लापरवाही या साजिश थी अथवा नहीं।
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