पीलीभीत में अनाथ बच्चों की मदद को आगे आया प्रशासन, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर तत्काल शुरू हुई सहायता प्रक्रिया
मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने की कार्रवाई शुरू, दूसरे जरूरतमंद परिवार को भी मिली राहत
पीलीभीत में अनाथ बच्चों की मदद को आगे आया प्रशासन, डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के निर्देश पर तत्काल शुरू हुई सहायता प्रक्रिया

मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने की कार्रवाई शुरू, दूसरे जरूरतमंद परिवार को भी मिली राहत
पीलीभीत। पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने शनिवार को दो जरूरतमंद परिवारों के मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासन ने बच्चों और परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ-साथ जरूरी दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी।
जिलाधिकारी कार्यालय में लगभग 14 वर्षीय एक बालक अपनी दो छोटी बहनों के साथ पहुंचा। बच्चों ने बताया कि उनके माता-पिता का निधन हो चुका है और वर्तमान में उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। तीनों बच्चे विकास खंड पूरनपुर के ग्राम राजपुर महराजपुर के निवासी हैं।
मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को तत्काल बुलाकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बच्चों को तत्काल खाद्य सामग्री, पेयजल और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई। साथ ही उपजिलाधिकारी कलीनगर और खंड विकास अधिकारी पूरनपुर को बच्चों के गांव पहुंचकर स्थिति का आकलन करने और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक टीम गांव पहुंची, जहां बच्चों के माता-पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। परिवार को राशन उपलब्ध कराया गया तथा बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अलावा बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई।
जांच के दौरान गांव में दो अन्य ऐसे बच्चों की भी पहचान हुई, जिनके माता-पिता का निधन हो चुका है। प्रशासन ने उनके भी मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराई।
इसी क्रम में जिलाधिकारी ने चिड़ियादाह निवासी ताराबेगम के घर पहुंचकर उनकी स्थिति का भी जायजा लिया। जानकारी के अनुसार, ताराबेगम के पति और बेटे का निधन हो चुका है, जबकि बहू दो छोटे बच्चों को छोड़कर कहीं चली गई है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मृतक पति और बेटे के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कराने, आय प्रमाण पत्र बनवाने तथा पेंशन की प्रक्रिया शुरू कराने के निर्देश दिए। साथ ही परिवार को राशन उपलब्ध कराने और बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से जोड़ने की कार्रवाई शीघ्र पूरी करने के लिए कहा। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपनी ओर से आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
इस दौरान राजस्व, विकास और प्रोबेशन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी कीं।




