
लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय बैठक गर्मी और संभावित सूखे से निपटने के लिए व्यापक निर्देश
पेयजल सिंचाई राहत प्रबंधन और किसानों के हितों को लेकर सख्त तैयारी के आदेश 30 मई तक जल स्रोतों की डी सिल्टिंग अनिवार्य
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लखनऊ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कृषि जलशक्ति पशुधन समाज कल्याण एवं उद्यान विभाग के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर भीषण गर्मी और संभावित अल्पवृष्टि की स्थिति को देखते हुए पेयजल सिंचाई और राहत प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी नहीं होनी चाहिए इसके लिए पाइप्ड जल योजनाओं के साथ टैंकर और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रखी जाएं उन्होंने कहा कि 15 जून से 30 जुलाई के बीच स्थिति का आकलन कर आवश्यकता पड़ने पर सूखा घोषित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
मुख्यमंत्री ने 30 मई तक नहरों तालाबों और पोखरों की डी सिल्टिंग हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए साथ ही जल संरक्षण को अभियान के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया तालाबों से निकली मिट्टी प्रजापति समाज और पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को निःशुल्क उपलब्ध कराने की बात कही गई जिससे उनकी आजीविका को बढ़ावा मिल सके
बैठक में वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने नलकूपों को सक्रिय रखने और सिंचाई के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए मुख्यमंत्री ने टेल फीडिंग के माध्यम से अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने पर विशेष जोर दिया
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शासन से लेकर जनपद स्तर तक 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम संचालित करने और नियमित जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्य सचिव और डीजीपी तक पहुंचाने के निर्देश दिए किसानों के हित में बीज फसल बीमा ऋण और खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए
मुख्यमंत्री ने हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को मजबूत करने पशुधन संरक्षण सुनिश्चित करने और अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम के जरिए मौसम संबंधी सूचनाएं समय पर आम जनता तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया




